PET 2025 की परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों की संख्या इतनी ज्यादा रही कि Lucknow Charbagh स्टेशन पर हालात बिगड़ गए। खास ट्रेनें चलाई गईं, पांडाल लगाए गए, फिर भी भीड़ के सामने सारी व्यवस्थाएँ छोटी पड़ गईं। आइए जानते हैं इस पूरी कहानी को आसान शब्दों में।
1. कैसा था Charbagh स्टेशन का माहौल?
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स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं, लेकिन डिब्बों में इतनी भीड़ थी कि कई उम्मीदवार ट्रेन में चढ़ ही नहीं पाए।
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स्टेशन पर पांडाल और मैट्रेस तो रखे गए थे, लेकिन पंखे नहीं थे, जिससे गर्मी में रात गुजारना मुश्किल हो गया।
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टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें लग गईं और उम्मीदवार घंटों इंतज़ार करते रहे।
2. उम्मीदवारों की आवाज़
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Sachin Verma (Ambedkar Nagar से Bareilly): “पांडाल और मैट्रेस तो मिल गए, लेकिन पंखों की कमी ने सारी रात परेशानी दी।”
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Manohar (Barabanki से Kanpur जाने वाले): “इतनी भीड़ थी कि बैठने की भी जगह नहीं मिली।”
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Rajendra Kumar Rawat: “दो ट्रेनें निकल गईं, लेकिन इतनी भीड़ थी कि अंदर जाना नामुमकिन था।”
3. प्रशासन की प्रतिक्रिया और कदम
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ADG (Railways) Prakash D सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने स्टेशन पर पहुंचकर व्यवस्था का निरीक्षण किया।
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मेडिकल, पानी और हेल्प डेस्क की सुविधाओं को जांचा गया।
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दो अनरेज़र्व स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं — एक Lucknow Jn से Kanpur Central और दूसरी Lucknow Jn से Varanasi के लिए।
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4. समस्या बनाम समाधान (Table)
| समस्या | प्रशासनिक समाधान |
|---|---|
| ट्रेनें भीड़ से भरी हुई | नई अनरेज़र्व स्पेशल ट्रेनें (Lucknow–Kanpur, Lucknow–Varanasi) |
| रात बिताने की कठिनाई | पांडाल और मैट्रेस उपलब्ध, लेकिन वेंटिलेशन की कमी |
| टिकट लेने में दिक्कत | लंबी कतारें और इंतज़ार |
| सुरक्षा और व्यवस्था पर सवाल | वरिष्ठ अधिकारियों ने निरीक्षण और सुधार के निर्देश दिए |
FAQs
Q1. PET 2025 के लिए कितनी स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं?
कई स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं, जिनमें दो नई अनरेज़र्व ट्रेनें भी शामिल थीं।
Q2. स्टेशन पर रात बिताने के लिए क्या इंतज़ाम था?
पांडाल और मैट्रेस रखे गए थे, लेकिन पंखे न होने से उम्मीदवारों को गर्मी में परेशानी हुई।
Q3. क्या प्रशासन मौके पर पहुँचा?
हाँ, ADG (Railways) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी स्टेशन पहुंचे और सुविधाओं का जायज़ा लिया।
Q4. उम्मीदवारों को सबसे बड़ी परेशानी क्या रही?
भीड़ इतनी थी कि ट्रेन पकड़ना और आराम से बैठना दोनों मुश्किल हो गया।
Conclusion
कुल मिलाकर PET 2025 की भीड़ ने Charbagh स्टेशन की व्यवस्था की पोल खोल दी। हालांकि प्रशासन ने नई ट्रेनें और कुछ इंतज़ाम किए, लेकिन उम्मीदवारों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। आगे की परीक्षाओं के लिए उम्मीद है कि ऐसी समस्याओं से बचने के लिए बेहतर प्लानिंग होगी।